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100 स्मार्ट शहरों में गरीबों को घर का किराया देगी मोदी सरकार

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100 स्मार्ट शहरों में गरीबों को घर का किराया देगी मोदी सरकार

मोदी सरकार जल्द ही गरीबों के घर का किराया देने के लिए एक नई स्कीम लेकर आने वाली है. 100 स्मार्ट सिटी में रहने वाले गरीब तबके के लोगों को आवास उपलब्ध हो सके इसके लिए सरकार ने 2700 करोड़ रूपए का प्रोजेक्ट बनाया है.

सबको आवास उपलब्ध कराने हेतु मोदी सरकार ने इस स्कीम को जल्द ही लागू करने के लिए इसकी रूपरेखा तैयार करने में जुटी है. अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री के एक अधिकारी के अनुसार इस स्कीम के तहत सरकार शहरी गरीबों को अपने घर का किराया देने हेतु रेंट वाउचर प्रदान करेगी.

यह है स्कीम

  • इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने कुछ नियम एवं शर्तों के आधार पर शहरी गरीबों का आंकलन कर रेंट वाउचर प्रदान करेगी.
  • इस योजना में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले (बीपीएल) परि‍वारों के लि‍ए रेंटल हाउसिंग पॉलि‍सी शुरू की जा रही है जिस पर पि‍छले तीन सालों से काम हो रहा है.
  • इस वर्ष स्‍मार्ट शहरों से योजना की शुरुआत की जाएगी. जिसमें प्रतिवर्ष 2713 करोड़ रुपए का खर्च आएगा.
  • इस स्कीम का उद्देश्य शहरी गरीबों और दूसरे राज्‍यों से आकर बसने वालों को लाभ पहुंचाना है. इन रेंट वाउचर को लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के माध्यम से वितरित किये जाएंगे.
  • कि‍राएदार इन वाउचर को मकान मालि‍क को देगा और वो इसे सि‍टि‍जन सर्वि‍स ब्‍यूरो से भुगतान प्राप्त कर लेंगे. अगर मकान का कि‍राया वाउचर की वैल्‍यू से ज्‍यादा है तो बाकी का भुगतान खुद कि‍राएदार को करना होगा.

शहरों में  35 प्रतिशत  लोग रहते हैं किराए पर

सरकार लोकल एडमिनिस्ट्रेशन वाउचर की वैल्‍यू परिवार के सदस्यों की संख्या और शहर में चल रहे किराए के आधार पर करेगी. सरकार इस वाउचर स्‍कीम में डायरेक्‍ट बेनेफि‍ट ट्रांसफर पर भी वि‍चार कर रही है. 2011 की जनगणना के मुताबि‍क 27.5% लोग शहरों में कि‍राए के मकान में रहते हैं. हालांकि,‍ नेशनल सैंपल सर्वे की रिपोर्ट के मुताबि‍क 2009 में 35% शहरी लोग कि‍राए के मकानों में रह रहे थे. एनएसएस के मुताबि‍क, 1991 से यही ट्रेंड चला आ रहा है.

 

Photo Credit – moneymoves.blob.core.windows.net, indianmoney.com, static.dnaindia.com

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