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अच्छे ऑफिस की तलाश में इन बातों का रखे ध्यान

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अच्छे ऑफिस की तलाश में इन बातों का रखे ध्यान

आमतौर पर बहुत से प्रोफेशनल लोग अपने कर्मचारियों को एक बेहतर माहौल के साथ-साथ अच्छा वर्क इनवायरमेंट देने के लिए अपने ऑफिस को गुडलुक देते है. जिससे कर्मचारियों को भी अच्छे और साफ़ सुथरे माहौल में काम करने में अच्छा लगता है और वे अपनी पूरी लगन और निष्ठा से काम करते है. जिस प्रकार हमारे घर में कोई मेहमान आता है और हमारे घर की तारीफ करता है तो हमें बहुत ही प्राउड फील होता है. उसी तरह हमें अपने ऑफिस को भी साज-सज्जा के साथ सर्वसुविधायुक्त बनाना आवश्यक होता है. जिससे कस्टमर पर भी इसका पॉजिटिव प्रभाव पड़ता है और हमारी इमेज भी ग्रो होती है.

आमतौर पर ऑफिस बनाने के लिए लोकेशन सबसे महत्वपूर्ण होता है अच्छे लोकेशन के साथ वहां रोजमर्रा की सुविधाओं का भी ध्यान रखना आवश्यक होता है. अपने कर्मचारियों और क्लाइन्ट्स दोनों की आवश्यकताओं के मद्देनजर हम ऑफिस का निर्माण करते है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार से असुविधाओं का सामना न करना पड़े. यदि आप को भी ऑफिस बनाने के लिए जगह की तलाश है तो इन बातों को अवश्य ध्यान में रखे.

कैसा हो ऑफिस का लोकेशन

कॉर्पोरेट एरिया में ऑफिस बनाने के लिए सबसे मुश्किल काम होता है अच्छी लोकेशन का चयन. गुड इनवायरमेंट और ट्रांसपोर्ट की सुवधाओं वाले इलाकों में ऑफिस बनाना बहुत ही मुश्किल होता है क्योंकि वहां काफी भीड़ होती है एवं लगातार ट्रैफिक की आवाजों से माइंड डिस्टर्ब होता है. जिसके चलते कर्मचारियों को अपने काम में फोकस करने में दिक्कतें आती है. इसलिए इन इलाकों का चयन करें जहां ट्रैफिक कम हो एवं आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो जिससे कर्मचारियों और कस्टमर्स को असुविधा न हो.

शहरीकरण के इस दौर में शहर के आस-पास या कुछ दूरी पर ऑफिस के लिए अच्छे लोकेशन होते हैं जो बेहतर और सस्ता विकल्प हो सकते है. बड़े-बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मॉल, या कॉलोनी में आपको बेहतर लोकेशन और सुविधाएं भी मिल जाती है इसी लिहाज से आजकल अधिकतर लोग इन्हीं लोकेशन को अपनी प्रिफर्ड चॉइस मानते है. आप भी इन लोकेशन का चयन कर अपने ऑफिस के लिए बेहतर जगह का चुनाव कर सकते हैं.

ऑफिस का स्पेस

ऑफिस का लोकेशन तय होने के बाद निर्माण के समय सबसे बड़ी दिक्कत स्पेस की होती है. कम स्पेस होने की वजह से कर्मचारियों की सिटींग अरेंजमेंट और फर्नीचर रखने में दिक्कतें आती है. अगर आप ऑफिस के लिए जमीन खरीदते समय जरुरत से थोड़ा ज्यादा स्पेस ख़रीदें जिससे जगह की कमी न हो. यदि जमीन खरीदने में सक्षम न हों और किराये पर ऑफिस ले रहें हैं तो आज की जरुरत को ध्यान में रखकर स्पेस न ले बल्कि भविष्य में ऑफिस और कार्य के विस्तार को नजर में रखते हुए थोड़ा ज्यादा स्पेस ले क्योंकि कार्य और ऑफिस का विस्तार होने से कर्मचारियों की संख्या में भी इजाफा होगा और बैठक व्यवस्था के लिए आसानी होगी तथा अतिरिक्त जगह किराये पर लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी. अधिकांश देखने में आता है कि हम कम जगह किराये पर लेते है और बाद में आवश्यकता बढ़ने पर मालिक से अतिरिक्त जगह मांगने पर ज्यादा किराया की मांग करता है इसलिए इस दुविधा से बचने के लिए पूर्वनियोजित रूप से स्पेस का चयन करना चाहिए.

पार्किंग की सुविधा

किसी भी क्षेत्र चाहे वह कॉर्पोरेट एरिया हो या कमर्शियल कॉम्प्लेक्स इन जगहों पर ऑफिस लेते समय पार्किंग की सुविधा को ध्यान में रखना जरुरी होता है. हर कोई अपने वाहन से सफ़र करना ज्यादा पसंद करते है जिसकी वजह से रोजाना पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है. खासकर शहरी इलाकों में पार्किंग की समस्या सबसे ज्यादा होती है यदि आपकी आवश्यकता अनुसार सिटी एरिया में आपको ऑफिस की जरुरत हो तो सबसे पहले आपको पार्किंग की सुविधा पर ध्यान देना जरुरी होगा. पार्किंग की अच्छी व्यवस्था नहीं होने से रोजाना आपके कर्मचारियों की समस्या से जूझना पड़ेगा और आपके कस्टमर्स पर भी आपके प्रति नेगेटिव मेसेज तो जाता ही है और वे ऑफिस आने से भी कतराते है. शॉपिंग मॉल और सोसायटी आपके ऑफिस के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है जहां अंडरग्राउंड और मल्टीस्टोरी पार्किंग की सुविधा होती है.

किराए और सुविधाओं को जाँचे

लोकेशन तय होने के बाद उस एरिया में वर्तमान किराए के बारे में पूरी जानकारी हासिल करना जरुरी होता है. अधिकतर किराए को लेकर किरायेदार और मालिक के बीच बहस होती रहती है. इसलिए किराए से संबंधित पूरे नियम एवं शर्तों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी लेकर ही अपना कार्य शुरू करे. आस-पास के किराए में ऑफिस का संचालन करने वाले संचालकों से भी किराए की जानकारी हासिल करना चाहिये जिससे आप आश्वस्त हो सकें की अन्य की तुलना में आपसे किराया ज्यादा तो नहीं लिया जा रहा है. अपने कर्मचारियों व ऑफिस की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए प्रतिदिन काम आने वाली चीजों जैसे पानी, सिक्योरिटी, एसी, इलेक्ट्रिक, साफ-सफाई एवं बाथरूम की व्यवस्था की जाँच और उनके किराए के बारें में भी जानकारी प्राप्त करें और पूर्ण रूप से संतुष्ट होने के बाद ही ऑफिस किराये पर लें.

जरुरत अनुसार करे रेनोवेशन

लोकेशन सेट होने के बाद सबसे आखिर में आता है रेनोवेशन की बारी जो आपके ऑफिस को आकर्षक और डिफरेंटलुक देता है. ऑफिस को अपने अनुसार सजाने और रख-रखाव के लिए आपको रेनोवेशन की आवश्यकता होती है और ये जरुरी भी है. परन्तु रेनोवेशन कराने से पहले लीज डील की बारी आती है जिसमें आपके और मालिक के बीच होने वाले समझौते की पूर्ण जानकारी होती है. डील साइन होने के बाद इसमें आपसी समझौते के बिना किसी भी प्रकार से कोई बदलाव नहीं किया जा सकता. परन्तु जब आप डील लीज साइन कर रहें हो तो उसमे अपने आवश्यकता अनुसार ऑफिस में किए जाने वाले बदलाव या रेनोवेशन की पूर्ण जानकारी उसमें जोड़ सकते है यह आपके लिए ही बेहतर होगा. नए ऑफिस में रेनोवेशन कराना आपके और आपके ऑफिस के लिए अच्छा होता है क्योंकि ऑफिस में आने वाला हर कोई उसे निहारता है और यह आपके इमेज को भी बढ़ाता है.

 

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