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घर में  इन  स्थानों  पर बनाएं पूजा घर, बढ़ेगी खुशहाली

Vastu Rashifal

घर में  इन  स्थानों  पर बनाएं पूजा घर, बढ़ेगी खुशहाली

भारत एक धार्मिक देश है जहां अनादिकाल से हम अपनी संस्कृति और संस्कार को संजोए खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं. पूजा-पाठ हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है. हम अपने देवी-देवताओं की पूरी श्रद्धा और भक्ति से आदर कर हर रोज उनकी पूजा कर अपने उज्जवल एवं खुशहाल जीवन की कामना करते हैं. हमारे जीवन में सुख-समृद्धि बनाए रखने में हम अपने घरों में देवी-देवताओं की स्थापना करते हैं और प्रतिदिन उनकी पूजा पाठ करते हैं परन्तु हमें घर में निहित वास्तु का भी ध्यान रखना आवश्यक होता है.

घर हो या पूजा कक्ष इनके निर्माण में हमें सदैव सचेत रहना चाहिए और उन दोषों का निवारण कर सुखमय जीवन का आनंद उठाना चाहिए. आज के व्यस्त दिनचर्या में हम इन बातों पर ध्यान नहीं देते जिसका दुष्परिणाम हमारे जीवन में कलह, हानि और अशांति लेकर आता है. जगह की कमी से आज फ्लैट्स, अपार्टमेंट और बंगलों की डिमांड है. इन जगहों में निर्मित घर वास्तु के अनुरूप होते हैं पर कहीं न कहीं उनमे भी कुछ वास्तु दोष निहित होते हैं जिन्हें आसानी से दूर किया जा सकता है. घर छोटा हो या बड़ा हर घर में मंदिर अवश्य होना चाहिये क्योंकि यह घर में निहित नकारत्मक प्रभावों को दूर करता हैं. लेकिन यह भी ध्यान रखें की हमारा पूजा घर वास्तु के अनुसार है या नहीं. घर में सही स्थान और दिशा में मंदिर बनवाने के लिए इन सरल उपाय से वास्तु दोष को दूर किया जा सकता है.

ईशान कोण में बनाएं पूजा घर

पूजा घर के निर्माण के लिए सबसे उपयुक्त और शुभ दिशा उत्तर-पूर्व यानि ईशान कोण होता. वास्तु के अनुरूप सकारात्मक प्रवाह इसी दिशा से होकर घर में प्रवेश करता है इसलिए पूजा घर भी इसी दिशा में बनाने से घर में सकारात्मक उर्जा का संचार होता है और खुशहाली बनी रहती है. पौराणिक मान्यता है कि जब वास्तु का निर्माण हुआ और उसे धरती पर लाया गया तब उसका शीर्ष उत्तर-पूर्व दिशा में था और सूर्य का पवित्र किरणें इसी दिशा में मिलती हैं इसलिए इस दिशा को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.

बेडरूम में न बनाएं मंदिर

वास्तु के अनुसार हमें अपने शयनकक्ष या बेडरूम में कभी भी मंदिर स्थापित नहीं करना चाहिए. यदि घर में जगह का अभाव हो या किसी कारणवश बेडरूम में मंदिर बनाना पड़े तो मंदिर में पर्दा जरुर लगाएं और रात्रि के समय उसका पर्दा हमेशा ढक देना चाहिए. बेडरूम हमारे घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जहाँ हम हमेशा आना-जाना करते हैं जिससे हमारे साथ बाहर की गन्दगी भी घर में प्रवेश करती है जिससे देवी-देवताओं का अपमान होता है.

पूजा करते समय मुख का दिशा

हम रोजाना अपने घर और मंदिर में पूजा करते हैं पर क्या आपको पूजा करते समय अपने मुख को किस ओर रखना चाहिए. अधिकांश हमें इस बात का ध्यान नहीं होता है और हमारी पूजा का पूर्ण लाभ हमें नहीं मिल पाता है. वास्तु के अनुसार पूजा-पाठ करते समय सदैव अपने मुख को पूर्व दिशा की ओर रखना चाहिये क्योंकि पूर्व दिशा को धन के लिए उत्तम बताया गया है. यदि आप विद्यार्थी हैं तो आपको सदैव उत्तर दिशा की ओर अपना मुख रख कर पूजा करना चाहिये क्योंकि इस दिशा को ज्ञान दाता के रूप में माना जाता है जिससे हमें बुद्धिमता और मस्तिष्क एकाग्र होता है.

इन जगहों पर न बनाएं मंदिर

हमें अपने घर में मंदिर बनाते समय यह ध्यान रखना चाहिए की वह जगह बिलकुल साफ़-सुथरी और पवित्र हो. घर के अंदर सीढियों के नीचें, शौचालय, बाथरूम के बाजु में या ऊपर-नीचे तथा बेसमेंट में मंदिर नहीं बनाना चाहिए इससे घर में अशांति और हानि होती है. वास्तु के अनुसार जिन देवताओं के दो से ज्यादा हाथों में अस्त्र हों उनके चित्र भी नहीं लगाने चाहिए. घर के आसपास मंदिर स्थित हो तो उसमें स्थापित देवी या देवता का चित्र घर के प्रवेश द्वार या मुख्य द्वार पर लगाना चाहिए।

 

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