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इनके उपयोग से अपने आशियाने को बनाएं इकोफ्रेंडली  

Property Advice

इनके उपयोग से अपने आशियाने को बनाएं इकोफ्रेंडली  

आज हर कोई अपने घर को आकर्षक और इम्प्रेसिव बनाने के लिए लाखों रूपए खर्च करने से भी नहीं झिझकते हैं. घर की साज-सज्जा से लेकर हाई क्वालिटी के बिल्डिंग मटेरियल का उपयोग कर आप अपने घर का निर्माण करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं. हाईटेक इक्यूपमेंट और सिक्यूरिटी के साथ-साथ सर्वसुविधा युक्त घरों का निर्माण आज कल हर किसी का पैसन बन गया है और इसे पूरा करने के लिए घरों में फ्लोरिंग से लेकर फॉल सिलिंग और दीवारों पर टाइल्स से लेकर टैरेस गार्डन के निर्माण में दिल खोल के पैसे खर्च किए जा रहे हैं.

बहुत से प्रकृति के शौक़ीन होते हैं जिन्हें झील, पर्वत और हरे-भरे वादियों के बीच अपना आशियाना बनाने का सपना होता है. लेकिन आज तेजी से बढ़ते युग में रियल एस्टेट अपने क्षेत्र में रोज नए आविष्कार से घर प्रमियों के सपने को धरातल पर लेकर आ रहें हैं. इसी कड़ी में आज प्रदूषित पर्यावरण के चलते इकोफ्रेंडली घरों की डिमांड ज्यादा देखने को मिल रही है. प्राकृतिक चीजों से बनें बिल्डिंग मटेरियल का उपयोग घर निर्माण में करने की एक होड़ सी मच गई है. हम आज आपको कुछ चीजों के बारे में बता रहे हैं जिसका निर्माण के दौरान उपयोग करके आप घर को इकोफ्रेंडली बना सकते हैं.

मजबूत एसीसी ब्लॉक

ईंट घरों के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं. यह आधार होते हैं जो सालों साल तक घर को जमीन से जोड़ें रखते हैं. ईंटो के ज्यादा इस्तेमाल से हमारे देश में कृषि भूमि को काफी नुकसान पहुँच रहा हैं. जमीन की संरक्षण शक्ति को खतरे में देख एसीसी ब्लॉक का निर्माण किया गया है जो आपके घरों को ईंट से भी ज्यादा मजबूती प्रदान करता है. यह पर्यावरण की दृष्टि से लाभकारी होने की वजह से आज घर निर्माण में ईंट के स्थान पर इसकी काफी डिमांड है. यह ब्लॉक्स वजन में हल्के होने के साथ-साथ ज्यादा टिकाऊ और मजबूत होते हैं.

एसीपी से मिलता है ठंडक

घर की दीवारों को जोड़ने के लिए अच्छे सीमेंट का उपयोग सबसे जरुरी होता है. घर के आधार को मजबूती प्रदान करने के लिए सीमेंट का उपयोग किया जाता है. यह दीवारों को एक दुसरे से जोड़ने का काम करती है. आज घरों को इकोफ्रेंडली बनाने के लिए प्लास्टर की जगह एसीपी सीट्स का उपयोग कर घर की दीवारों को प्लास्टर किया जा रहा है. बिल्डिंग या घर को एसीपी से जोड़ने पर ज्यादा मजबूती देने के साथ-साथ यह हीट ऑब्सर्वर का काम करती है. ग्लोबल वार्मिंग से दिनों-दिन बढ़ रहे तापमान से यह आपको सुरक्षा देती है और घर के वातावरण को ठंडक प्रदान करती है. इसकी कॉस्टिंग थोड़ी महँगी होती है लेकिन इससे घर की उम्र बढ़ जाती है और आपका आशियाना सालों तक नया बना रहता है.

यूपीवीस विंडो का चलन

अधिकांश घरों की दीवारों में लगाए गए स्टील या लकड़ी की खिड़कीयों में बारिश, सर्दी और गर्मी के मौसम से  बहुत ज्यादा नुकसान होता है और लगभग हर पांच सालों में उन्हें बदलने की जरुरत होती है. सीलन और जंग लगने की वजह से खिडकियां जाम हो जाती हैं और उनमें आवाज आने लगती है जिससे खिड़की पूरी तरह बंद नहीं होती. इस असुविधा से बचने के लिए आज के मकानों में यूपीवीसी विंडो का चलन काफी बढ़ गया है यह टिकाऊ होने के साथ-साथ काफी ड्यूरेबल होते हैं. इनमें सीलन और जंग लगने जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है और यह सालों-साल तक टिकी रहती है.

वाटर कंजर्वेशन पर जोर

गर्मियों के दिनों में पानी की किल्लत से निजात पाने के लिए घर में वाटर कंजर्वेशन बहुत ही आवश्यक होता है. मृदा सम्पदा के साथ-साथ जमीन में पानी की मात्र को ध्यान में रखना भी अवशयक होता है. इसके माध्यम से आपको जमीन के अंदर से स्वच्छ जल प्राप्त होता है. इसे अपनाकर आप घर में पानी की होने वाली दिक्कतों से निजात पा सकते हैं. यह सिस्टम आपको जरुरत के अनुसार पानी उपलब्ध कराता है जिसके कारण अनाव्यश्यक अपव्यय नहीं होता है और पानी की बचत होती है.

टैरेस गार्डन

टैरेस गार्डन का चलन आज बहुत तेजी से विकसित हो रहा है. यह आपके घर को प्रकृति से जोड़कर  स्वच्छ वातावरण प्रदान करता है. टैरेस में गार्डन बनाने से आपको गर्मी से निजात मिलने के साथ आपको साफ हवा भी प्रदान करता है. घर की छतों में गार्डन बनाने के लिए आर्टिफीसियल लॉन का उपयोग किया जाता है जो घर को प्राकृतिक खूबसूरती प्रदान करता है. इसमें रंग-बिरंगे फूल लगाने से घर को अट्रैक्टिव लुक मिलता है.

 

Photo Credit-realtybiznews.com, 3.imimg.com, images.locanto.net, everest.co.uk, pikesystems.com, cdn.homedesignlover.com

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