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जानें स्टार्टअप इंडिया से आपके बिजनेस को कैसे मिलेगा बूस्ट

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जानें स्टार्टअप इंडिया से आपके बिजनेस को कैसे मिलेगा बूस्ट

देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्टार्टअप इंडिया स्टैंडअप इंडिया’ का स्लोगन दिया था. इस योजना की ओर कदम बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने स्टार्टअप इंडिया एक्शन प्लान को लॉन्च कर दिया है जिसके तहत 25 करोड़ रूपए टर्न ओवर और 5 वर्षों से कम समयावधि वाली नई कंपनियों को दायरे के अंदर रखने की योजना तय की गई है.

देश में युवाओं को रोजगार देने और नए आइडिया के साथ व्यापार शुरू करने वालों के लिए इस योजना का संचालन किया जा रहा है. भारत में नए कारोबार शुरू करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जिसे देखते हुए आने वाले समय में इनकी संख्या लगभग 1 लाख तक होने की संभावना है. नए कारोबार शुरू करने वालों को इस योजना के तहत बहुत से बेनिफिट्स मिलेंगे और अपने व्यापार के विस्तार हेतु आसानी होगी. इसमें टैक्स बेनिफिट पाने के लिए भी योजना बनाई गई है जिसके अंतर्गत आपको अंतरमंत्रालयी बोर्ड से सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा.

क्या है स्टार्टअप इंडिया योजना

सबसे पहले हम आपको स्टार्टअप के बारे में बताते हैं. स्टार्टअप का अर्थ एक नई कंपनी से है जिसको शुरू करने के बाद उसमें नए अवसर और विकास को बढ़ावा दिया जाता है. किसी युवा अथवा दो-तीन लोगों के आपसी सहयोग से शुरू किया गया व्यापार इसके दायरे में आता है. इसके अंतर्गत उन प्रोडक्ट, सामानों और सर्विस को लॉन्च किया जाता है जो बाजार में उपलब्ध नहीं होती. नए और क्रिएटिव आईडिया के सहारे प्रोडक्ट को बाजार में अपनी मेहनत से स्थापित करने वाले युवा इसमें पूंजी निवेश करने के साथ उसका संचालन भी करते हैं.

यूनिक आईडिया और प्रोडक्ट को बाजार में स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन देना स्टार्टअप इंडिया का मुख्य उद्देश्य है. नई कंपनी की शुरुआत के लिए स्टार्टअप एक आधार का काम करता है जो उसे बाजार में स्थापित करने के लिए सहायता प्रदान करता है. यदि आपके पास भी नए और यूनिक आईडिया है तो उसकी शरुआत करने के लिए स्टार्टअप इंडिया स्कीम मददगार साबित होगी. इसके साथ ही नए कारोबार की शुरुआत से देश में बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे.

इन नियमों के तहत मिलेगा स्टार्टअप

नए व्यापार शुरू करने वालों को स्टार्टअप के दायरे में कुछ नियमों के अंतर्गत शामिल किया जाएगा. कंपनी को स्टार्टअप कैटेगरी में शामिल होने के लिए प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पार्टनरशिप फर्म या लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्म के रूप में रजिस्ट्रेशन होना जरुरी होगा. इसके अलावा उस कंपनी का गठन पांच वर्षों से अधिक न होने के साथ-साथ टर्नओवर 25 करोड़ रुपए तक होना होगा तभी सरकार द्वारा जारी स्टार्टअप योजना का लाभ प्राप्त होगा.

यह होगा सर्विस दायरा

स्टार्टअप के दायरे में उन कंपनियों को शामिल किया जाएगा जो नई हो. नई कंपनी होने के साथ-साथ अगर उसने अपने प्रोडक्ट में किसी प्रकार का कोई बदलाव किया हो तो वह कस्टमर के लिए फायदेमंद है या उसका फायदा उसे मिल रहा है की नहीं यह देखना भी जरुरी होगा. कंपनी के किसी भी प्रोडक्ट को इंडियन पेटेंड और ट्रेडमार्क ऑफिस के तहत पेटेंट मिलना जरुरी होगा. उन प्रोडक्ट का होना भी जरुरी होगा जिनसे आम जनता को लाभ हो रहा हो और सरकार उसके लिए प्रोत्साहन दे रही हो.

स्टार्टअप को मिलेगी यह सुविधा

  1. स्टार्टअप के लिए जारी एक्शन प्लान में केंद्र सरकार ने कई घोषणाएं की हैं जिससे नए व्यापार शुरू करने वाले लाखों लोगों को फायदा मिलेगा साथ ही रोजगार में वृद्धि की संभावनाओं को भी बूस्ट मिलेगा. सरकार द्वारा स्टार्टअप के लिए प्रदान की जा रही प्रमुख सुविधाएं यह है.
  2. इसमें निवेश के लिए 10 हजार करोड़ रूपए का फंड बनाया जाएगा जिसमें प्रति वर्ष 2500 करोड़ रूपए स्टार्टअप के लिए प्रदान किया जाएगा. स्टार्टअप्स के लिए ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च कर एक छोटा ई-फॉर्म पेश किया जाएगा जिसमें रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था होगी.
  3. इंटलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी राइट को प्रोटेक्‍शन देने एवं रजिस्‍ट्रेशन के लिए आईपीआर स्थापित किया जाएगा. यदि कोई व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी बेचकर स्‍टार्टअप में इन्‍वेस्‍ट करेगा तो उसे कैपिटल गेन टैक्स में छूट का प्रावधान भी रखा गया है.
  4. स्टार्टअप के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन आधारित कंप्लायंस होगा और पेटेंट एप्लीकेशन फीस में सरकार द्वारा 80 प्रतिशत छूट दी जाएगी. व्यापार शुरू करने के तीन वर्षों तक कोई इंस्पेक्शन नहीं किया जाएगा साथ ही तीन वर्षों तक प्रॉफिट होने पर भी इनकम टैक्स में छूट प्रदान किया जाएगा.
  5. सरकार द्वारा देशभर में 35 नए इन्‍क्‍यूबेशन सेंटर खोलने के साथ-साथ प्रमुख शहरों में पेटेंट के लि‍ए कंसल्टेशन की फ्री व्‍यवस्‍था की जाएगी. सार्वजनिक और सरकारी क्षेत्रों में खरीदी के साथ ही शेयर मार्केट वैल्‍यू से अधिक इन्‍वेस्‍टमेंट करने पर छूट दिया जाएगा और किसी भी दुविधा एवं असुविधा के लिए फास्‍ट एक्‍जि‍ट पॉलि‍सी बनाई जाएगी.
  6. केंद्र सरकार बच्चों में इनोवेशन को बढ़ाने के लिए 5 लाख स्कूलों में 10 लाख इनोवेटिव बच्चों को चिन्हांकित कर  प्रशिक्षण के लिए इनोवेशन कोर प्रोग्राम शुरू करेगी. स्टार्टअप के लिए चार साल तक 500 करोड़ रूपए प्रतिवर्ष का क्रेडिट गारंटी फंड बनाने के साथ-साथ क्रिएटिव और इनोवेशन के लिए स्टार्टअप कंपनियों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.

 

Photo Credit- indiafilings.com, vnd-6ac9.kxcdn.com, uttarhamara.com, lh3.googleusercontent.com, minasdigital.mg.gov.br

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