Connect with us

जानें वास्तु और पंचतत्व का घर पर पड़ता है कैसा प्रभाव

Vastu Rashifal

जानें वास्तु और पंचतत्व का घर पर पड़ता है कैसा प्रभाव

मानव जाति भगवान की सबसे अनूठी और अद्भुत कृति है. पूरे ब्रम्हांड में पृथ्वी ही एकमात्र ग्रह  है जिसपर मानव सभ्यता का वास है. हम सभी जानते है कि हमारी श्रृष्टि और मानव सभ्यता का उदय भगवान ने किया है परन्तु क्या आप जानते है कि भगवान का अर्थ क्या है? मानव शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है. भूमि, गगन, वायु, अग्नि और जल इसे सरलता पूर्वक याद रखने व मानव जीवन की उत्पति के इन तत्वों को सरल भाषा में स्मरण करने  हेतु “भगवान” शब्द का उद्बोधन किया जाता है जिसका पूर्ण अर्थ भ से भूमि अर्थात पृथ्वी, ग से गगन अर्थात आसमान, व से वायु अर्थात हवा, अ से अग्नि अर्थात आग एवं न से नीर अर्थात जल होता है.

इन्हीं तत्वों से मानव जीवन का उदय हुआ है. जो हमारे जीवन की सबसे अमूल्य धरा है जिसके बिना हमारे जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती. पंचतत्व जिस प्रकार हमारे जीवन से जुड़ी एक अटूट कड़ी है उसी प्रकार वास्तु शास्त्र हमारे  जीवन को सरल, सहज एवं सुखमय बनाने की मनोचारी दशा है. वास्तु का सही ज्ञान एवं उसका निवारण कर हम अपने रोजमर्रा, पारिवारिक कलह, रोजगार, संबंधो, वैवाहिक जीवन एवं निवास की समस्याओं से निजात पाकर एक सुखमयी व आनदंमयी जीवन का लाभ उठा  सकते है.

वास्तु दोष दूर करने के घरेलु उपाय

अपने आशियाने का सपना लिए हम अपनी क्षमता से बढ़कर काम करते है. एक-एक पैसे जोड़कर घर खरीदते है परन्तु कभी-कभी हम वास्तु का ध्यान न रख कर घर का निर्माण करते है या खरीद लेते है जिसके बाद हमें काफी दिक्कतों से हम हताश व निराश हो जाते है और वास्तु दोष के दुष्परिणामों को झेलना पड़ता है. परन्तु यदि हम अपने घर में इन सरल और कम खर्चीले उपाय को अपनाएं तो वास्तु दोष से मुक्ति प्राप्त हो सकती है.

ईशान कोण

फूलों को शुभ का प्रतीक माना गया है. हम अपने घरों में चीनी मिट्टी के बर्तन में जल भरकर उसमें फूलों को रख सकते है. उड़ते हुए पक्षियों अथवा पहाड़ों का चित्र या पेंटिंग अपने घरों की दीवार पर लगाने से घर में सकारात्मक सोच का प्रवाह होता है एवं निरंतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है जिससे मन प्रफुल्लित रहता है.

पूर्व दिशा

पूर्व दिशा हमारे दिनचर्या का सूचक होता है क्योंकि सूर्य का उदय इसी दिशा से होता है. इस दिशा में सूर्य यंत्र की स्थापना करने व सात घोड़ों पर सवार सूर्यदेव का चित्र लगाना शुभ होता है. इसके अलावा यदि उस दिशा में खिड़की न हो तो वहां रोजाना मिट्टी का एक दिया प्रज्ज्वलित करना चाहिए.

आग्नेय दिशा

यदि आप अपने घरों को रंगना चाहते हैं तो इस दिशा को हमेशा लाल अथवा पीले रंग से रंगना चाहिए क्योंकि  इन दोनों रंगों को शुभ का सूचक माना जाता है अथवा इस दिशा में लाल या पीले रंग का बल्ब जलाकर रखे और उसे बंद न करे. पौधे भी वास्तु दोष दूर करने में सहायक होते है आग्नेय दिशा में मनीप्लांट, सूरजमुखी और तुलसी का पेड़ लगाना शुभ होता है जिससे वास्तु दोष दूर होता है.

दक्षिण दिशा

यदि घर में कोई भारी सामान जैसे संदूक, आलमारी, दीवान हो तो उन्हें इस दिशा मे रखें या हनुमानजी का लाल रंग का चित्र लगाने से इस दिशा के वास्तु दोष के प्रभाव से निजात पाया जा सकता है. अधिकांश घरों के दरवाजे इसी ओर होते है यदि प्रवेशद्वार पर सीढ़ी हो तो दोनों ओर गमले में पौधे लगायें.

नैऋत्य दिशा

इस दिशा के दोष से घर मे कलह, सुख-शांति का ह्रास होता व घर में नकारात्मक सोच का संचार होता है. इससे निजात पाने के लिए घर में बड़ी व भारी मूर्तियों को रखना चाहिये. अपने संबंधी, परिजनों व अन्य से वाणी पर संयम रखकर बातचीत करना चाहिए तथा क्रोधी व अनैतिक लोगों से न मिले इससे घर में कलह की संभावना बनी रहती है.

 

बिना रेनोवेशन घर के वास्तु दोष को करें दूर

अधिकांशतः हमें घर खरीदने या निर्माण पूर्ण होने के बाद उसमें निहित वास्तु दोषों का पता चलता है जिन्हें दूर करने के लिए घर का रेनोवेशन कराने की जरुरत होती है और पैसे भी अधिक खर्च होते है. घर के पूरे एक हिस्से को तोड़कर उसे फिर से नया रूप देने से बिल्डिंग मटेरियल का अधिक भार तो पड़ता ही है इसके अलावा मजदूरों का खर्च, समय की बर्बादी एवं घर में असुविधाओं का सामना करना पड़ता है. परन्तु कुछ सरल और सस्ते उपाय अपनाकर हम इन दोषों से छुटकारा पा सकते है और अपने समय के साथ-साथ पैसे भी बचा सकते है. अपने घर मे इन साधारण और सरल उपाय से हम घर के रेनोवेशन की समस्या को सुलझा सकते है –

  • घर का सबसे मुख्य हिस्सा प्रवेश द्वार होता है जहाँ से हर सकारात्मक व नकारात्मक प्रकाश का आगमन होता है. इस द्वार पर चांदी से बना शुभागमन का सूचक स्वास्तिक का चिन्ह लगाने से घर में सकारात्मकता का संचार होता है.
  • घर के सामने एक बड़ा सा बगीचा बनाकर उसमें हरे-भरे पौधे लगाकर एवं अशोक का वृक्ष लगाने से पूर्व दिशा दोष से मुक्ति प्राप्त होती है.
  • अधिकांश घरों में कानून व धोखाधड़ी संबंधित समस्या निहित रहती है जो काफी दिनों तक परेशान करती है. इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए घर की उत्तर दिशा में कुबेर देवता की प्रतिमा स्थापित करने से बुद्धिमता और समझ संतुलित होता है.
  • सकारात्मक सोच मन में उत्साह और उमंग जागृत करता है सदैव अपनी सोच को दृढ़ता व एकाग्रचित रखना चाहिए इसके लिए घर में पॉजिटिव चित्रों या पेंटिंग को दीवारों पर लगाना चाहिए.
  • बच्चों का मन बहुत ही चंचल होता है अधिकांश बच्चे पढ़ते समय अपने मन व दिमाग को एकाग्रचित नहीं कर पाते हैं यह भी वास्तु का एक दुष्प्रभाव है. पढ़ाई करते समय यह ध्यान हो की पीठ हमेशा दीवार की तरफ और चेहरा खिड़की की तरफ हो जिससे सकारात्मकता व एकाग्रता में निरंतर वृद्धि होती है.
  • नए वर्ष में कारोबार, नौकरी, वैवाहिक जीवन एवं पढ़ाई से संबंधित अपने लक्ष्यों को अपने कार्य करने या पढ़ाई करने वाली मेज पर एक कागज में लिखकर रखे अथवा दीवाल पर टांग दे और रोजाना उसका संस्मरण करे इससे आपका मनोबल प्रबल होगा व सकारात्मक सोच का निर्माण होगा.
  • विंड चाइम या पवन घंटी को घर के मुख्यद्वार या खिड़की में लटकाने से हवा प्रवाह होने पर उसमें से निकलने वाली मध्यम मधुर आवाज घर में प्रवेश करने वाले नकारात्मक उर्जा को रोक कर घर में सकारात्मक उर्जा का संचार करती है.

 

Photo Credit – cont.ws, astronidhi.co.in, astrodevam.com

Comments

More in Vastu Rashifal

To Top