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क्या आप प्रॉपर्टी खरीद रहें हैं? तो इन टेक्नीकल बातों का समझें अर्थ  

Property Advice

क्या आप प्रॉपर्टी खरीद रहें हैं? तो इन टेक्नीकल बातों का समझें अर्थ  

नए नियम और कानूनी प्रक्रिया के चलते बहुत से लोग प्रॉपर्टी खरीदने से कतराते हैं और किसी अन्य चीजों में इन्वेस्टमेंट को महत्व देते हैं. लेकिन प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट आपको कम समय में लम्बी अवधि तक अच्छा रिटर्न देता है. किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदने से पहले बहुत सी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है. अगर आपको भी इन प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं है या कुछ चीजें आपको उलझनों में डालती है तो हम आपको उसकी पूरी जानकारी दे रहें हैं जिससे कोई भी प्रॉपर्टी खरीदते समय आपको आसानी होगी.

प्रॉपर्टी के प्रकार

प्रॉपर्टी प्रायः दो प्रकार के होते हैं पहला रेजिडेंसीयल और दूसरा कमर्शियल. रेजिडेंसीयल वह होता है जिसमें आप रहते हैं जैसे अपार्टमेंट, बंगलो और रो-हाउस. कमर्शियल से यह साफ़ होता है की अपने किसी व्यवसाय या ऑफिस के लिए खरीदी गई जमीन, या स्पेस हो सकता है. इनके अलावा और भी प्रॉपर्टी है जिसके बारे में भी जानना आवश्यक है.

फ्री होल्ड प्रॉपर्टी

फ्री होल्ड प्रॉपर्टी में बिना किसी शर्त के उसका मालिक ही स्वयं पूरी संपत्ति का स्वामी होता है. इसमें जिस जमीन पर घर का निर्माण हुआ है उसके साथ-साथ सभी जगहों का मुक्कमल मालिकाना हक़ उस प्रॉपर्टी के स्वामित्व रखने वाले व्यक्ति के पास होता है जिस पर कोई दूसरा स्वामित्व का दावा नहीं कर सकता.

लीज एग्रीमेंट

यह एक तरह का अनुबंध है. एक निश्चित अवधि के लिए किसी प्रॉपर्टी को पट्टे या लीज पर देने के लिए मालिक और लीज लेने वाले के बीच करार होता है. इसकी शर्तें तब तक नहीं बदली जा सकतीं जब तक लीज की अवधि खत्म नहीं हो जाती. यही वजह है कि दोनों पक्षों को कड़ाई से इसकी शर्तों का पालन करना होता है.

टेक्नीकल भाषा को समझें

प्रॉपर्टी से जुड़ी कुछ टेक्नीकल शब्दावली है जो आपको कन्फ्यूज करती हैं हम उन चीजों के बारे में विस्तार से बता रहें है जिससे समझने में आसानी होगी और प्रॉपर्टी के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने में आपको मदद मिलेगी. आप जब भी प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो सबसे पहले उसके टेक्नीकल भाषा को समझना जरुरी होता है.

कार्पेट एरिया

यह किसी भी मकान का वह हिस्सा होता है जिसमें घर की दीवारों के अंदर का हिस्सा शामिल होता है जिसमें सीढियां और बालकनी की जगह को भी शामिल किया जाता है. यह घर का आधा वास्तविक हिस्सा होता है जिसे कारपेट एरिया कहा जाता है. यह घर के अंदर का खाली हिस्सा होता है जिसमें आप कारपेट बिछा सकते हैं.

बिल्डअप एरिया

इसमें घर के बाहरी दीवारों की चौड़ाई, कारपेट एरिया, बालकनी एवं सीढियां सभी को शामिल किया जाता है. घर के अंदर बनी पिलर, कॉलम और दीवारों को भी बिल्डअप एरिया के अंतर्गत नापा जाता है.

सुपर बिल्डअप एरिया

इसके अंतर्गत कारपेट एवं बिल्डअप एरिया के साथ कॉमन एरिया भी शामिल होता है. जैसे गार्डन, सीढियां, लौबी, लिफ्ट, पोर्च, पार्किंग एवं फूटपाथ जैसी सभी जगह जिसे फ्लैट में रहने वाला व्यक्ति उपयोग करता है.

 

पर-स्क्वायर फूट रेट

सभी डेवलपर्स आम तौर पर किसी भी प्रॉपर्टी को बेचने से पहले उसकी कीमत सुपर बिल्डअप एरिया के आधार पर तय करता है. आप जब भी कोई प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो उसकी कीमत सुपर बिल्डअप एरिया के पर स्क्वायर फूट के रेट के आधार पर देते हैं जो उसकी वास्तविक कीमत होती है.

कन्वेयंस

कोई भी संपत्ति, चाहे वह चल हो या अचल इस एग्रीमेंट के जरिए ही किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर इस प्रक्रिया से किया जाता है. इसके तहत किसी भी प्रॉपर्टी के अधिकार, स्वामित्व एवं मालिकाना हक़ को अपनी स्वेच्छा से दूसरे के नाम पर ट्रान्सफर किया जाता है.

एग्रीमेंट

समझौता पत्र आपकी प्रॉपर्टी से जुड़ा सबसे मुख्य दस्तावेज होता है इसे हमेशा सुरक्षित रखना चाहिए. जब भी आप प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो यह प्रक्रिया अनिवार्य होता है. इसमें फ्लैट का फ्लोर, फ्लैट नंबर, विंग, बिल्ड अप एरिया, भुगतान की तारिख, गृह प्रवेश की तारीख एवं प्रॉपर्टी की कीमत से जुड़ी सभी जानकारी होती है. इस दस्तवेज में निहित सभी शर्तों को अच्छे से पढ़कर जानकारी को ध्यान में रखें और सहमत होने के बाद ही इस पत्र पर हस्ताक्षर करें.

Photo Credit- img-s-msn-com.akamaized.net, vakilhousing.com, thehindubusinessline.com, cloud-hd.chiefarchitect.com, lasvegasappraiser.xyz

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