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प्रॉपर्टी खरीदने के पहले और बाद इन बातों का रखे ध्यान

Property Advice

प्रॉपर्टी खरीदने के पहले और बाद इन बातों का रखे ध्यान

आप जब भी कोई प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो उससे जुड़ी सभी जानकारी को एकत्रित करते हैं. लोकेशन, फैसिलिटी और आवागमन को प्राथमिकता देते हुए उसकी पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं. लेकिन इन सबके अलावा भी बहुत सी जानकारियां हैं जिन्हें आपको किसी भी रेसिडेंशियल या कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदने से पहले या बाद में जानना जरुरी होता है. आज हम आपको कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में बता रहे हैं जो प्रॉपर्टी खरीदने से पहले और बाद में आपको जानना जरुरी है.

प्रॉपर्टी का फ्री होल्ड या लीज होल्ड

आप जब भी घर खरीदते हैं तो उसकी लीज के बारे में जानकारी एकत्रित जरुर करे. अधिकतर होता है कि आप घर खरीद कर उसमें रहना शुरू कर देते हैं और बाद में पता चलता है की जमीन किसी दुसरे के नाम पर है फिर आपको अपना घर पाने के लिए कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं जिससे समय और पैसे दोनों व्यर्थ जाते हैं. यदि जमीन किसी चैरिटेबल ट्रस्ट, सरकरी संस्था या एजेंसी के नाम पर है तो बिल्डर को उस जमीन पर किसी भी निर्माण के लिए अनुमति लेना पड़ता है. यह भी ध्यान रखे की बिल्डर द्वारा निर्माण करने हेतु जगह को पाने के लिए सभी नियम एवं शर्ते पूरी की है या नहीं.

नगर निगम या पालिका से अनुमति

किसी भी निर्माण कार्य करने से पहले संबंधित नगर निगम या पालिका द्वारा अनुमति लेना जरुरी होता है. आप जब भी कोई बिल्डिंग, अपार्टमेंट, घर या दुकान खरीद रहे हैं तो बिल्डर द्वारा इसकी अनुमति के बारे में जरुर पूछे. बिल्डर या डेवलपर को निर्माण के समय बिल्डिंग की ऊंचाई और बेचते समय अनुमति लेना अनिवार्य होता है. बिना अनुमति के निर्माण कार्य किये जाने पर उसे अवैध निर्माण की श्रेणी में रखकर निगम या पालिका द्वारा कभी भी तोड़ा जा सकता है. निर्माण और बेचने से पहले बिल्डर को निगम या पालिका द्वारा अनुमति पत्र प्रदान किया जाता है जिसमें सभी नियम एवं शर्तें लिखी होती हैं. आप बिल्डर से इस अनुमति प्रमाण पत्र की मांग कर सकते हैं.

बिल्डिंग प्लान की मंजूरी

अगर आप कोई अपार्टमेंट या फ्लैट खरीद रहें तो नगर निगम या पालिका द्वारा बिल्डिंग प्लान को मंजूरी दी गई है या नहीं इसकी जानकारी होना आवश्यक है. अप्रूव प्लान सर्टिफिकेट में सही तरीके से बिल्डिंग का निर्माण किया गया है या नहीं इसकी जानकारी निहित होती है. यदि बिल्डिंग का निर्माण अप्रूव प्लान के तहत नहीं किया गया है तो उसकी अनुमति लेना जरुरी होता है. बिल्डर या डेवलपर द्वारा अप्रूवल के तहत निर्माण कार्य नहीं किया गाया हो तो पर वह गैरकानूनी होगा और आपको दोषी मानकर जुर्माना भी हो सकता है.

समझौता पत्र

समझौता पत्र आपकी प्रॉपर्टी से जुड़ा सबसे मुख्य दस्तावेज होता है इसे हमेशा सुरक्षित रखना चाहिए. जब भी आप प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो यह प्रक्रिया अनिवार्य होता है. इसमें फ्लैट का फ्लोर, फ्लैट नंबर, विंग, बिल्ड अप एरिया, भुगतान की तारिख, गृह प्रवेश की तारीख एवं प्रॉपर्टी की कीमत से जुड़ी सभी जानकारी होती है. इस दस्तवेज में निहित सभी शर्तों को अच्छे से पढ़कर जानकारी को ध्यान में रखें और सहमत होने के बाद ही इस पत्र पर हस्ताक्षर करें.

स्टाम्प ड्यूटी

किसी भी जमीन, फ्लैट, घर या प्लाट खरीदते समय स्टाम्प ड्यूटी भरना बहुत ही आवश्यक होता है. अगर आपने गलत तरीके से या टैक्स बचाने के लिए स्टाम्प ड्यूटी नहीं भरते हैं तो आपकी प्रॉपर्टी को पूरी तरह से अवैध माना जाएगा और आप पर जुर्माना भी हो सकता है. स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान प्रॉपर्टी की कीमत या बाजार भाव में से जो ज्यादा हो उसके आधार पर किया जाता है. इसका भुगतान समझौते के कर लेना चाहिए क्योंकि हो सकते है बाद में उस प्रॉपर्टी का बाजार भाव बढ़ जाये.

समझौते का रजिस्ट्रेशन

स्टाम्प ड्यूटी भुगतान के साथ-साथ समझौते का रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होता है. इसका भुगतान सब-रजिस्ट्रार के साथ समझौते के चार महीने के अंदर किया जाना होता है. अगर रजिस्ट्रेशन में देरी होती हैं तो जुर्माना भरकर चार महीने बाद भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. समझौते का रजिस्ट्रेशन स्टाम्प ड्यूटी के साथ ही कराना अच्छा होता है जिससे आपके पैसे भी बच सकते हैं.

 

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