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प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जाने होम लोन के कायदे और फायदे

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प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जाने होम लोन के कायदे और फायदे

भारत में अफोर्डेबल हाउसिंग की डिमांड दिनों दिन बढ़ती जा रही है. आप सभी का सपना होता है कि आपका भी आशियाना हो और उसमें अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत करें. आपके इस सपने को पूरा करने में बैंक आपका सबसे बड़ा साथी होता है जो आपकी जरुरत को पूरा करता है. घर खरीदने के आपके सपने के लिए बैंक सदा आपके साथ होता है जो लोन के रूप में आर्थिक सहायता करता है.

यदि आप किसी भी तरह की कमर्शियल या रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीद रहें हैं तो आपको होम लोन से जुड़े कायदे और उसके फायदे के बारे में भी पूरी जानकारी होना जरुरी है. होम लोन के फायदे जानकर आप अपने सपनों का घर खरीद सकते हैं इसके साथ-साथ आपको सब्सिडी और कम ई.एम.आई. जैसे ऑफर्स मिल सकते हैं.

अच्छा फाइनेंसर चुनें

अगर आप घर या किसी भी प्रकार की कोई प्रॉपर्टी लेने की सोच रहे हैं तो आपको सबसे पहले एक अच्छा फाइनेंसर चुनना होगा. उसके साथ लगातार अपना कांटेक्ट रखें और उस कंपनी की कस्टमर पॉलिसी के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें. टर्म और कंडीशन की जानकारी के लिए आप अपने बैंक के फाइनेंसर और जो लोन ले चुके हैं उन कस्टमर से संपर्क करके एकत्रित कर सकते हैं. कंपनी का पुराना रिकॉर्ड भी चेक करें कि उसने ब्याज दरों में कमी का कितना फायदा अपने ग्राहकों को दिया है और वह कंपनी ब्याज दरें सबसे पहले बढ़ाने वालों में से तो नहीं है.

ज्यादा डाउन पेमेंट

आप जब भी होम लोन लेने की सोच रहें हैं तो आपके पास डाउन पेमेंट करने के लिए कुछ रकम रखनी चाहिए. आप जितना ज्यादा डाउन पेमेंट करेंगे आपको उतना कम होम लोन लेना पड़ेगा. कम लोन लेने से आपको ई.एम.आई. भी कम देनी पड़ेगी जिससे आपके लोन की किस्त भी जल्दी ख़त्म हो जाएगी और पैसों की बचत होगी.

स्कीम का चुनाव करें

फ्लोटिंग रेट के मुकाबले फिक्सड लोन ज्यादा महंगे रहते है. लेकिन फ्लोटिंग के मामले में ब्याज दरों का पूर्वानुमान नहीं लगा सकते. इसके लिए हाइब्रिड लोन दोनों के बीच एक कड़ी का काम करती है. इसमें लोन की कुछ रकम फिक्स्ड और कुछ फ्लोटिंग रेट से दी जाती है.

पेमेंट ड्यूरेशन बढ़ने का फायदा

यदि आपकी उम्र कम है और आप अच्छी जॉब कर रहें हैं तो आपको लोन चुकाने के लिए ज्यादा समय मिल जाता है. आपको प्री-पेमेंट और ज्यादा ई.एम.आई. देने की जरुरत नहीं होती है बैंक आपके व्यवहार और लेन-देन को ध्यान में रखते हुए लोन चुकाने की अवधि बढ़ा देते हैं इससे आप पर अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ता.

प्री-पेमेंट करना अच्छा विकल्प

कभी-कभी आपका पैसा कुछ कारणों से कहीं अटक जाता है या कुछ दिनों बाद मिलने वाला होता है जिसका आप घर खरीदने तक इन्तजार नहीं कर सकते. यदि आपको लोन लेने के दो-तीन माह बाद कोई बड़ी रकम मिलने वाली है तो आप बेझिझक लोन ले सकते हैं. लेकिन इस पैसों को आप अपने लोन के ई.एम.आई. के रूप में चुकाने के बदले प्री-पेमेंट करना सबसे अच्छा विकल्प होगा. कई लोग ज्यादा ईएमआई देने को तैयार हो सकते हैं जिससे उन्हें ब्याज पर इनकम टैक्स में ज्यादा छूट मिले. कोई भी फैसला लेने से पहले यह देखें कि इंटरेस्ट पर टैक्स में छूट लेने में ज्यादा बचत होगी या प्री-पेमेंट करने में.

रिफाइनैंस के बारे में भी सोचें

अगर आपके पास होम लोन फाइनेंस से अच्छा कोई और विकल्प है जो आप पर ब्याज और लोन का कम बोझ डालता है तो आप रिफाइनेंस के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं यह भी अच्छा विकल्प हो सकता है. परन्तु इस प्रक्रिया के लिए आपको फीस के रूप में कुछ पैसे चुकाने पड़ेंगे. आपको अपने मौजूदा फाइनैंसर से क्लोजिंग कोटेशन लेकर दूसरे फाइनैंसर को देनी होगी. क्लोजिंग कोटेशन का मतलब है कि आपका कितना प्रिसिंपल बाकी है और अकाउंट बंद करने के लिए आपको कितनी रकम चुकानी है. आपका रिफाइनैंसर इस रकम का चेक पहले फाइनैंसर को देकर आपका लोन अकाउंट टेकओवर कर लेगा. आपको पहले फाइनैंसर को प्री-पेमेंट पेनाल्टी और दूसरे फाइनैंसर को कुछ प्रोसेसिंग फीस देनी होगी.

 

Photo Credit-  realestatewebmas.netdna-ssl.com, dieboldinsurance.com, financialexpress.com, thepreferredrealty.com, media2.intoday.in, loanmodny.com, loans101.com

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