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रंग आपके जीवन पर डालते हैं गहरा प्रभाव

Home Improvement

रंग आपके जीवन पर डालते हैं गहरा प्रभाव

आप सभी का एक फेवरेट कलर होता है. आप अपने मनचाहे रंग का उपयोग अपने घरों को रंगने, कपड़े, जूते, बैग, फर्नीचर, बेडसिट जैसे रोजमर्रा से लेकर अन्य चीजों में करते हैं जो आपके जीवन और स्वभाव को भी दर्शाता है.

घरों को रंगना आप सभी को पसंद होता है. सुसज्जित और रंग-बिरंगे घरों को देखकर आपका ध्यान उस ओर आकर्षित होता होगा. घर के अधिकांश हिस्से को कलर करने के लिए रंगों का चुनाव करने में आप अपने पसंदीदा रंगों को महत्त्व देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रंगों का यह चुनाव आपके जीवन से जुड़ी भावनाओं और स्वास्थ पर भी असर डालती है. आज हम आपको रंगों से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दे रहे हैं जिन्हें ध्यान में रख कर आप अपने घर हेतु रंगों का सही चुनाव कर सकते हैं.

रंग दर्शाता है मनोदशा

रंग आपके मनोदशा और घर के वातावरण को भी चिन्हांकित करता है. सही रंगों का उपयोग आपके घरों में होने वाले वास्तु दोष और परेशानियों को दूर कर सकता है. इसलिए रंगों को चुनते समय उनके भावों को जानना भी बहुत आवश्यक है.

श्याम रंग

श्याम रंग आपके घर में श्रृंगार का प्रतिक है. यह घरों की साज-सज्जा के साथ-साथ रहन सहन को भी दर्शाता है.

श्वेत रंग

आप सभी जानते है की सफ़ेद रंग को शांति और स्वच्छता का प्रतिक माना जाता है परन्तु वास्तु शास्त्र में यह आपके घर में खुशहाली को बढ़ाता है.

मटमैला रंग

यह घर में करुणा का सूचक होता है जो दया और मदद करने की भावना को दिखाता है.

लाल रंग

घर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सूचक होता है. यह एकाग्रता के साथ-साथ घर के सौभाग्य को दर्शाता है.

नीला रंग

आपके साहस और वीरता को प्रदर्शित करता है. जो व्यक्तित्व के सतगुणी होने का परिचय देता है.

हरा रंग

यह हरियाली का प्रतिक होता है. जो हमें सक्रीय और गतिशीलता प्रदान कर अपने कार्य के प्रति कर्मठ बनाता है.

पिला रंग

घर में दैवीय गुणों को प्रदर्शित करता है. इसके साथ ही यह घर में चिंता को दूर कर खुशियाँ बिखेरता है.

काला रंग

आपको नकारात्मक बनाता है. आपके मस्तिष्क में अनावश्यक चिंता पैदा करता है.

दिशाओं पर रंग का प्रभाव

वास्तु शास्त्र के अनुरूप घर बनाने के साथ-साथ आपको साज-सज्जा और कलर का ध्यान रखना भी जरुरी होता है. आप दिशाओं को ध्यान में रख कर अपने घरों का निर्माण करते हैं लेकिन उनके अनुरूप कलर भी करना चाहिए. अपने घर को जब कलर कर रहें हों तो पूर्व दिशा को सफ़ेद, पश्चिम दिशा को नीले, उत्तर दिशा को हरा, दक्षिण दिशा को लाल या गुलाबी, दक्षिण-पूर्व दिशा को मटमैला, दक्षिण-पश्चिम दिशा को नारंगी, उत्तर-पूर्व दिशा को पिला और उत्तर पश्चिम दिशा को सफ़ेद रंग से रंगना चाहिए.

स्वास्थ्य पर भी असर डालते हैं रंग

  • फिरोजी तथा नीला रंग आपके शरीर में होने वाले त्वचा से संबंधित रोगों को दूर करता है.
  • अल्पबुद्धि या मंदबुद्धि बच्चों के कमरे में गुलाबी या लाल रंग से कलर करने पर उनमे एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक विकास होता है.
  • बैंगनी रंग हमारे स्वास्थ्य पर बहुत गहरा प्रभाव डालता है. यह दमा और अनिद्रा रोग को दूर करने के साथ-साथ अर्थराइट्सि, गाउट्स एवं ओंडिमा जैसे दर्द को कम करने में सहायक होता है. इसका प्रभाव हमारे शरीर में पोटेशियम की कमी को दूर करता है.
  • पिला रंग हमारे ह्रदय और स्नायु तंत्र की गति को नियंत्रित करने में बहुत ही लाभकारी होता है. इससे तनाव, मानसिक दुर्बलता, उदासी एवं अम्ल-पित्त में होने वाले रोगों को दूर करने का गुण होता है.
  • हरा रंग हमारे आँखों के लिए बहुत ही अच्छा होता है यह मानसिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ मन को विचलित होने से रोकता है.
  • आसमानी रंग से पेट से जुड़ी समस्याओं से निजात पाया जा सकता है.
  • नारंगी रंग हमारे हाई ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करने के साथ-साथ फेफड़ों एवं नाड़ियों पर भी प्रभाव डालता है.
  • लाल रंग हमारी पाचन शक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ सर्दी, जुकाम, रक्तचाप एवं गले के रोगों को दूर करने में सहायक होता है.

 

 

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