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रियल एस्टेट अधिनियम के तहत राज्य सरकारें जल्द गठन करें न्यायाधिकरण : नायडू

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रियल एस्टेट अधिनियम के तहत राज्य सरकारें जल्द गठन करें न्यायाधिकरण : नायडू

केन्द्रीय शहरी आवास मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने सभी राज्य की सरकारों से रियल एस्टेट अधिनियम 2016 के अंतर्गत जरुरी नियामक प्राधिकरणों एवं न्यायाधिकरणों को आगामी 30 अप्रैल तक स्थापित करने को कहा है ताकि एक मई से इसे लागू कर दिया जाए. इस न्यायाधिकरण के लागू होने से बायर्स को किसी गड़बड़ी या धोखाधड़ी की स्थिति में राहत पाने के लिए गुहार लगा सके.

सभी राज्य सरकरों को पत्र जारी कर नायडू ने कहा है कि रियल एस्टेट अधिनियम इस क्षेत्र में विकास के साथ-साथ बायर्स और बिल्डर्स के लिए अहम है. सभी हितधारकों को लाभ पहुँचाने के साथ यह क्षेत्र में सुधारों के लिए महत्वपूर्ण भी है. इस विषय पर अपील करते हुए सरकारों को इसमें व्यक्तिगत रूचि दिखाते हुए ध्यान देने को कहा गया है  जिससे इस अधिनियम का कार्यान्वयन को तय समय पर सही प्रकार से लागू किया जा सके. श्री नायडू ने कहा कि अभी तक केवल छः राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में इन अधिनियम को अधिसूचित किया गया है. राज्य सरकरों को आगाह करते हुए कहा की यदि नियामक और अपीलीय संस्थाओं की स्थापना नहीं की गई तो इस क्षेत्र में गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है.

जारी ख़त में शहरी आवास मंत्री ने राज्य सरकारों से अधिकतम अगामी 30 अप्रैल तक रियल एस्टेट नियामक से जुड़े सभी प्राधिकरणों एवं अपीली ट्रिब्यूनलों को स्थापित करने की अपेक्षा जताई है. इसके स्थापित होने से इन नियमाकीय प्राधिकरणों को एक मई 2017 से प्रभावी रूप से संचालन में लागू कर दिया जाएगा और नियमों, प्राधिकरणों एवं ट्रिब्यूनल के अभाव में कार्यान्वयन प्रभावित न हो इसके लिए इसे प्राथमिकता से लागू करने के लिए इस समयावधि को महत्वपूर्ण होने की बात कही. जल्द से जल्द इस अधिनियम के लागू होने से रियल एस्टेट सेक्टर के खलीपन को खत्म करने और उसमें ग्रोथ लाने के लिए यह प्रभावी होगा.

उन्होंने कहा है कि यह कानून उपभोक्ताओं के हित में है और इसे लागू करना केन्द्र और राज्य सरकारों दोनों की ही जिम्मेदारी है. इससे न केवल उपभोक्ताओं को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध होगी, बल्कि यह रियल एस्टेट क्षेत्र को भी बढ़ावा देगा, जिससे सभी पक्षों को लाभ पहुंचेगा. वर्मान में अधिसूचना जारी करने वाले राज्यों में गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल एवं उत्तर प्रदेश शामिल हैं.

 

Photo Credit-  smartcity.eletsonline.com, realestatepulse.com

 

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