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विदेशी कंपनियों के इन्वेस्टमेंट से रियल एस्टेट को मिलेगा बूस्ट

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विदेशी कंपनियों के इन्वेस्टमेंट से रियल एस्टेट को मिलेगा बूस्ट

नोटबंदी के बाद से उतार-चढ़ाव के चलते रियल एस्टेट सेक्टर वापस पटरी पर लौटते दिख रही है. इस सेक्टर को ग्रोथ देने के लिए राज्य और केंद्र सरकारें भी अपने स्तर पर नई-नई योजनाओं को लागू कर रहें हैं जिससे बायर्स को अच्छी सुविधाओं के साथ घर उपलब्ध कराया जा सके.

भारत में इन दिनों घरों की डिमांड देखते हुए विदेशी कंपनिया भी इसमें निवेश हेतु अपना इन्ट्रेस्ट दिखा रही है. एक्सपर्ट्स के अनुसार जून से कई विदेशी कम्पनियां रियल एस्‍टेट इन्‍वेस्‍टमेंट ट्रस्‍ट बोर्ड (रिट) में इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए विचार कर रही है. इस इन्वेस्टमेंट से रियल एस्टेट सेक्टर में ज्यादा तेजी देखने को मिलेगी साथ-साथ बाजार में निवेश बढ़ने से ग्रोथ की संभावनाएं है. ग्‍लोबल रियल एस्‍टेट कंसलटेंसी फर्म जेएलएल के अनुसार आगामी दिनों में रिट की लिस्टिंग शुरू होने के कुछ वर्षों के बाद इंडियन रियल एस्टेट सेक्टर में 1 लाख 25 हजार करोड़ रूपए के इन्वेस्टमेंट होने के आसार हैं.

यह बड़ी कंपनीयां कर सकती हैं निवेश

जेएलएल इंडिया के अनुसार रिट को सेबी के बाद से अब सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. जून में इसकी पहली लिस्टिंग के बाद इसमें कई बड़े प्राइवेट इक्विटी फंड्स जुड़ने की संभावना है. इसमें ब्‍लैक स्‍टोन, ब्रुकफील्‍ड, सिंगापुर की जीआईसी और कनाडा पेंशन प्‍लान इन्‍वेस्‍टमेंट जैसे बोर्ड शामिल हो सकते हैं.

क्या है रिट का उद्देश्य

सबसे पहले रिट की प्रक्रिया के बारे में जानते हैं. यह इनेस्टर्स से डायरेक्ट प्रॉफिट देने वाले रियल एस्टेट प्रॉपर्टी जैसे ऑफिस, रेसिडेंशियल, होटल, शॉपिंग सेंटर, वेयर हाउस और कमर्शियल जैसे प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करते हैं. यह भी अन्य इन्‍वेस्‍टमेंट ट्रस्‍ट की तरह स्‍टॉक एक्‍सचेंज में लिस्टेड होकर यूनिट होल्‍डर्स और इन्‍वेस्‍टर्स के लिए रिट एसेट्स की देखरेख इं‍डिपेंडेंट ट्रस्‍टीज का काम करती है.

रिट का मुख्य उद्देश्य इंवेस्टर्स को डिविडेंड दिया जाना है. यह ट्रस्ट अपनी इनकम का 90 प्रतिशत हिस्सा इसमें इन्वेस्ट करने वाली कंपनियों को डिविडेंड के तौर पर दे देगी जिससे इन्वेस्टर्स का रिस्क काफी कम हो जाएगा और उन्हें अच्छा रिटर्न मिलने से इन्वेस्टमेंट में बढ़ोत्तरी होगी.

इन चुनौतियों से निपटना होगा

विदेशी कंपनियों के इन्वेस्टमेंट से रियल एस्टेट सेक्टर में ग्रोथ आने की पूरी संभावना है वही एक्सपर्ट का मानना है की रिट में इन्वेस्टर्स भी अच्छी खासी रकम इन्वेस्ट कर सकते हैं, लेकिन डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स इसमें निवेश करेंगे या नहीं यह मंशा विचारनीय है. यह डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स के लिए एक गोल्डन समय होगा. परन्तु नोटबंदी के बाद से केंद्र सरकार ने घर खरीदने की प्रक्रिया को आसान और ज्यादा छूट देने से डोमेस्टिक इन्‍वेस्‍टर्स रिट में कम निवेश कर सकते हैं. लेकिन केंद्र सरकार द्वारा नए बेनामी प्रॉपर्टी कानून से लोग फिजिकल प्रॉपर्टी की बजाय लोग रिट्स में इन्‍वेस्‍टमेंट कर सकते हैं.

 

Photo Credit- nreionline.com, i.ytimg.com, cdn.moneycrashers.com, img.jsgtlr.com

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